इस्लाम का निराला इन्साफ

तुम्हें किसी कोम की दुश्मनी इस बात पर आमादा न करे कि इन्सानफ न करो. दोस्त दुश्मन अपने ओर गेर हर एक के साथ इन्साफ करो फिर चाहे वह तुमहारा दुश्मन ही हो. हर हाल में इन्साफ करो " ولا یجرمنکم شنئان قوم علی ان لا تعدلوا'' 

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