सच और झूट का अन्जाम
झूठों पर अल्लाह की लानत(अल्लाह की रहमत से दूरी) हे बेशक सच नेकी का रास्ता हे नेकी जन्नत का रास्ता हे आदमी सच बोलता रेहता हे यहां तक की सिद्दीक (बहुत सच्चा) हो जाता हे. झूट बुराई का रास्ता हे बुराई जहन्नम का रास्ता हे इन्सान झूट बोलता रेहता हे यहां तक की अल्लाह के यहां कज्जाब (बहुत झूठा) लिख लिया जाता है.......