ह. ईसा मसीह ओर हकीकत
ह. ईसा मसीह इब्ने मरियम अल्लाह के बन्दे ओर रसूल हैं अल्लाह ने उन को अपनी कुदरत से बिन बाप के पेदा किया और वकत के हिसाब से बहुत से मोजिजात भी दिए जो आप की नबुव्वत की निशानी व दलील थे मगर यहूदियों ने उन्हें मान्ने की जगा सताया उन पर ओर उनकी मां बतूल मरियम पर बेहूदा इल्ज़ाम लगाए इसी पर बस नहीं बल्कि आपको जान से मारने के लिए साजिश की ओर फांसी पर चड़ाने की मुकम्मल तय्यारी कर ली बल्कि उनके गुमान कि मुताबिक फांसी दे भी दी इधर ऐन मोके पर अल्लाह ने ईसा की शक्ल सूरत 1 शख्स पर डालदी ओर लोगों ने उसे पकड़ कर फांसी देदी वह चिल्लाता रहा में ई सा नहीं हूं ईसा नहीं हूं पर किसी ने न सुनी. ओर ईसा मसीह को अल्लाह ने जिन्दा जिस्म के साथ आसमान पर उढा लिया उस समय आपकी उम्र 33 बरस थी वह आखरी जमाने मे ( कयामत के करीब उतरें गे मगर निव नबी बन कर नहीं आएं गे) दज्जाल व खिंजीर को कत्ल करें गे सलीब को तोड़ें गे ओर अपनी उम्र पूरी करके वफात पाऐं गे मुहम्मद सल्लाहू अलैहि व सल्लम के बगल मे दफन होंगे. इन सब के बाद भी आप इन्सान व नबी रसूल ही हैं. खुदा (गोड) नहीं हैं क्योंकि अगर आप खुदा होते तो आप न पेदा होते हांलाकि आप पेदा हुऐ हैं ओर आप को मोत भी आए गी आप खाना पिना भी कर ते थे ( जो ऐसा हो वह खुदा नहीं हो सकता) ओर न खुदा के बेटे हैं क्योंकि आप खुदा के बन्दे ओर मम्लूक (गूलाम) हें कोई भी बेटा अपने बाप का गुलाम नहीं हो सकता बल्कि उसका नायब ओर उस जेसा ही होता हे. पता चला ईसा मसीह अलैहिस्सलाम सिर्फ़ ओर सिर्फ अल्लाह के बन्दे व रसूल हें........
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