दुनिया की खुशहाली कामयाबी की अलामत नहीं
पस जब उन्होंने भुलादिया उस नससीहत जो उन्हें की गई थी और परेशानी व मशक्कत को जो उन पर डाली गई तो हमने उनपर हर किसम की नेमतों के दरवाजे खोल दिए यहां तक की जब वह उन नेमतों पर इतराने लगे जो ढील के तोर पर दी गईं फिर हमने अचानक पकड़ लिया अजाब मे गिरफ्तार कर दिया. जब आप देखो की अल्लाह नाफ़रमानी के बावजूद किसी को उसकी ख़ाहिशात के मुताबिक दुनिया दे रहा हे तो यह इसतिदराज(ढील) हे ताकी वह दोलत के नशे मे ना फरमानी पर ना फरमानी किये जाए और यह ढील व मोहलत उस के अजाब मे इजाफे का सबब हो..
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